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बटन मशरूम की खेती की संपूर्ण जानकारी | button mushroom farming

अगर आप मशरूम की खेती कर कम लागत में अधिक आमदनी चाहते हैं, तो बटन मशरूम की खेती (button mushroom ki kheti) आपके लिए सबसे अच्छा ऑप्शन है। 

button mushroom: बटन मशरूम की खेती की संपूर्ण जानकारी

button mushroom ki kheti: भारत में भी अब मशरूम (mushroom) की कई प्रजातियों की खेती होने लगी है। लेकिन बटन मशरूम (button mushroom) की अपनी अलग ही पहचान है। बता दें, पिछले 4-5 वर्षों में बटन मशरूम की खेती (button mushroom ki kheti) में लगभग 43% की बढ़ोतरी हुई है। बटन मशरूम मांसल और स्वादिष्ट होने के कारण इसकी मांग बढ़ी है।

अगर आप मशरूम की खेती कर कम लागत में अधिक आमदनी चाहते हैं, तो बटन मशरूम की खेती (button mushroom ki kheti) आपके लिए अच्छा ऑप्शन है। 

तो आइए, इस ब्लॉग में बटन मशरूम की खेती कैसे करें? (button mushroom ki kheti kaise karen) पूरी जानकारी जानें। 

इस ब्लॉग में आप जानेंगे-

  • बटन मशरूम की खेती कैसे करें
  • मशरूम की खेती के लिए उपयुक्त जलवायु
  • बटन मशरूम उगाने की तैयारी
  • कंपोस्ट बनाने की विधि
  • बटन मशरूम की बीजाई या स्पानिंग कैसे करें
  • मशरूम की खेती की देखभाल कैसे करें
  • फसल की कटाई
  • मशरूम का पैदावार और भंडारण
  • बटन मशरूम की खेती में कमाई और लागत

बटन मशरूम की खेती कैसे करें (button mushroom ki kheti kaise karen)

मशरूम की खेती के लिए बहुत अधिक जमीन की जरूरत नहीं होती है। आप इसे 10X10 के 4-5 कमरे से भी शुरू कर सकते हैं। मशरूम की खेती आप चाहे तो अपने खेत में कर सकते हैं। 

बटन मशरूम की खेती के लिए उपयुक्त जलवायु (Suitable climate for button mushroom cultivation)

बटन मशरूम की खेती (Button mushroom ki kheti) भारत में सबसे ज्यादा की जाती है। भारत में कुल मशरूम की खेती का 80% हिस्सा बटन मशरूम की खेती का है। बटन मशरूम मांसल और आकार में टोपी की तरह होता है। 

बटन मशरूम की खेती के लिए ठंडी जलवायु ही उपयुक्त होती है। बटन मशरूम रबी फसल के समय में उगाया जाता है। इसकी खेती के लिए अक्टूबर से फरवरी का समय सबसे उपयुक्त होता है।

बटन मशरूम के लिए 22-25 डिग्री सेल्सियस तापमान और 80-85 प्रतिशत नमी की जरूरत होती है।

सफेद बटन मशरुम की खेती के लिए स्थाई व अस्थाई दोनों ही प्रकार के शेड का प्रयोग किया जा सकता है। जिन किसानों के पास धन की कमी है, वह बांस व धान की पुआल से बने अस्थाई शेड/झोपड़ी का प्रयोग कर सकते हैं।

बटन मशरूम उगाने की तैयारी (Preparing to Grow Button Mushrooms)

आपको बता दें मशरूम उगाने के लिए मिट्टी की जरूरत नहीं होती है। इसकी खेती के लिए कंपोस्ट खाद की जरूरत होती है। इसके लिए आप धान की पुआल या गेहूं के भूसे की उपयोग कर सकते हैं।

पहले जहां पर आपको इसकी बिजाई करना है, वहां भूसे की लगभग 1 फीट मोटी कंपोस्ट की तह बना लें।  उसे लगभग 1 से 2 दिन तक गिला रखें इससे कंपोस्ट में उपयुक्त नमी बनी रहे। कंपोस्ट में नमी होगी तभी मशरूम का अंकुरण अच्छा होगा।

कंपोस्ट बनाने की विधि (How to make compost)

कम्पोस्ट बनाने के लिए नया भूसा ही प्रयोग करें। धान की पराली अथवा गेहूं के भूसे के स्थान पर सरसों का भूसा भी प्रयोग कर सकते हैं, लेकिन सरसों के भूसे के साथ मुर्गी की बीट का प्रयोग जरूर  करें। कम्पोस्ट में नाइट्रोजन की मात्रा लगभग 1.5-2.5 प्रतिशत होनी चाहिए।

उदाहरण के तौर पर अगर आपको 4-5 किलोग्राम मशरूम की बीज के लिए कम्पोस्ट तैयार करना है तो आप संतुलित मात्रा में इन सभी चीजों को ले सकते हैं।

  • गेहूं का भूसा 300 किलोग्राम
  • कैल्शियम अमोनियम नाइट्रेट-9 किलोग्राम
  • यूरिया-4.5 किलोग्राम
  • सुपर फास्फेट- 3 किलोग्राम
  • म्यूरेट ऑफ पोटाश-3 किलोग्राम
  • गेहूँ का चोकर-15 किलोग्राम
  • जिप्सम-20 किलोग्राम

बटन मशरूम की बीजाई या स्पानिंग कैसे करें (How to Sow or Spawn Button Mushrooms)

मशरूम की बिजाई को स्पान कहते हैं। मशरूम की ही नहीं किसी भी फसल के बीज (SEED) पर उसका उत्पादन निर्भर करता है। इसलिए मशरूम की बीज अच्छी दुकान से ही लें। ध्यान रहे कि बीज 1 महीने से अधिक पुराना ना हो। बीज की मात्रा कंपोस्ट खाद के 2-2.5 प्रतिशत के बराबर ही रखें।

मशरूम की खेती की देखभाल कैसे करें (How to take care of mushroom cultivation)

मशरूम की फसल की देखभाल की खास जरूरत होती है। मशरूम की खेती कमरे में कर रहे हैं तो कमरा ऐसा होना चाहिए जहां रोशनी और हवा आने की उचित व्यवस्था हो। अगर आपको ऐसा लगे कि कमरे में प्रकाश की कमी है तो बल्ब लगा दें। समय-समय पर कंपोस्ट की नमी भी जांच करते रहना चाहिए। यदि कंपोस्ट में उपयुक्त नवमी नहीं रहेगी तो फसल सूख सकती है। 

  • सुबह-शाम कुछ देर के लिए दरवाजे और खिड़कियां खोल दें।
  • कवक जाल का बनाना-बीजाई के बाद इसके ऊपर पुराने अखबार बिछा दें और पानी से भिगो दें।
  • समय-समय पर तापमान बढ़ने पर पानी का छिड़काव करते रहें जिससे कमरे का तापमान 22 से 26 डिग्री सेल्सियस तक बना रहे। 
  • कमरे में 80 से 85 प्रतिशत तक नमी बरकरार रहनी चाहिए। 

फसल की कटाई (Harvesting)

मशरूम की बिजाई के लगभग 35 से 40 दिन के भीतर कंपोस्ट के ऊपर टोपी के आकार में कुछ फलन का दिखने लगते हैं जो लगभग 5 से 6 दिन के अंदर बटन के आकार में बढ़ जाते हैं। तो समझें अब मशरूम तोड़ने के लिए तैयार हो चुका है। ध्यान रहे, मशरूम को काटने के लिए किसी मशीन या लोहे से बनी चीज का प्रयोग ना करें। ऐसा करने से मशरूम में इंफेक्शन करने का भी डर बना रहता है। मशरुम को स्टीलनेस चाकू या ब्लेड से सावधानी पूर्वक काटें। 

मशरूम का पैदावार और भंडारण (Mushroom cultivation and storage)

मशरूम की कटाई के बाद इसे साफ पानी से अच्छी तरह धो लें। इसके बाद लगभग आधे घंटे के लिए मशरूम को ठंडे पानी में भिगो दें। अगर बाजार आपके घर से काफी दूर है तो आप मशरूम के भंडारण के लिए रेफ्रिजरेटर का इस्तेमाल कर सकते हैं। भंडारण करने के लिए रेफ्रिजरेटर का तापमान 4 से 5 डिग्री सेल्सियस रखें। रेफ्रिजरेटर में रखने के बाद आप मशरूम को 4 से 5 दिन तक स्टोर कर सकते हैं। अधिक समय तक भंडारण करने के लिए मशरूम को 15 प्रतिशत नमक के घोल में रखा जा सकता है।

बटन मशरूम की खेती में कमाई और लागत (Earnings and costs in the cultivation of button mushrooms)

10 x 10 वर्ग फीट बटन मशरूम खेती में लगभग 10 से 20 हजार की लागत आती है लेकिन अन्य फसलों के उत्पादन की तुलना में बटन मशरूम की खेती से 40 से 50 हजार का मुनाफा मिल जाता है।

अगर आप अपने बटन मशरूम से बाजार में अच्छी पकड़ बना लेते हैं तो या मुनाफा दिनों दिन बढ़ता ही जाएगा। 

ये तो थी बटन मशरूम की खेती कैसे करें? (button mushroom ki kheti kaise karen) की पूरी जानकारी। यदि आप इसी तरह कृषि, मशीनीकरण, सरकारी योजना, बिजनेस आइडिया और ग्रामीण विकास की जानकारी चाहते हैं तो इस वेबसाइट की अन्य लेख जरूर पढ़ें और दूसरों को भी पढ़ने के लिए शेयर करें। 

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