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हाइड्रोपोनिक्स तकनीक क्या है? | Hydroponics farming in hindi

हाइड्रोपोनिक्स तकनीक में मिट्टी की जरूरत नहीं होती है। पौधे के लिए सभी आवश्यक खनिज और उर्वरक पानी के माध्यम से दी जाती है।

हाइड्रोपोनिक्स तकनीक क्या है
Hydroponics farming in hindi: शहरों में खेती! चौकिंए नहीं… यह 100 प्रतिशत सच है। अब शहरों के लोग भी खेती कर सकेंगे।

आज हम ऐसी ही तकनीक की बात करेंगे, जिसमें मिट्टी की जरूरत नहीं होती है। इस तकनीक का नाम है- हाइड्रोपोनिक्स विधि से खेती (Hydroponics farming)

तो आइए इस ब्लॉग में जानते हैं कि हाइड्रोपोनिक्स खेती क्या है? और हाइड्रोपोनिक्स खेती कैसे करें?

इस ब्लॉग में आप जानेंगे

  • हाइड्रोपोनिक्स तकनीक क्या है?
  • हाइड्रोपोनिक्स विधि का महत्व
  • हाइड्रोपोनिक खेती कैसे की जाती है 
  • हाइड्रोपोनिक खेती के पोषक तत्व
  • हाइड्रोपोनिक खेती के फायदे
  • हाइड्रोपोनिक खेती में कितनी लागत आती है
  • हाइड्रोपोनिक खेती की ट्रेनिंग कहां से लें

आइए सबसे पहले जान लेते हैं कि हाइड्रोपोनिक्स तकनीक क्या है?

हाइड्रोपोनिक्स तकनीक क्या है?

हाइड्रोपोनिक्स तकनीक (Hydroponics technology)

आसान भाषा में कहें तो हाइड्रोपोनिक्स तकनीक में मिट्टी की जरूरत नहीं होती है। पौधे के लिए सभी आवश्यक खनिज और उर्वरक पानी के माध्यम से दी जाती है। फसल उत्पादन के लिए सिर्फ 3 चीजें  पानी, पोषक तत्व और प्रकाश की जरूरत है। यदि ये 3 चीजों हम बिना मिट्टी के उपलब्ध करा दें तो पौधे फल-फूल सकते हैं। इसी को हाइड्रोपोनिक्स तकनीक कहते हैं। 

इस तकनीक में मिट्टी के बगैर, जलवायु को नियंत्रित करके खेती की जाती है। हाइड्रोपोनिक खेती में केवल पानी में या पानी के साथ बालू और कंकण में पौधे उगाए जाते हैं। 

इस तकनीक में प्लास्टिक के पाइप से चैंबर बनाया जाता है जिसे कोको-पिट कहा जाता है। इस कोको-पिट को दूर बैठे कहीं से भी कंट्रोल किया जा सकता है। 

हाइड्रोपोनिक्स विधि का महत्व

बढ़ती आबादी और खेती की लिए कम पड़ती ज़मीन को देखते हुए हाइड्रोपोनिक्स तकनीक बहुत ही कारगार है। ऊंची इमारतों की छत पर भी इस विधि से खेती की जा सकती है। शहरवासी खुद अपने लिए सब्जियों का उत्पादन कर सकेंगे।

अभी तक हाइड्रोपोनिक्स तकनीक फ्रांस जैसे यूरोपीय देशों में सबसे अधिक प्रचलित है। भारत में नई दिल्ली, मुंबई, बंगलौर जैसे शहरों में भी इस मॉडल का बहुत तेजी से उपयोग कर रहे हैं।

हाइड्रोपोनिक तकनीक से उगाई जाने वाली सब्जियां

  • धनिया
  • टमाटर
  • पालक 
  • खीरा
  • करेला
  • गुलाब
  • मिर्च इत्यादि

हाइड्रोपोनिक खेती कैसे की जाती है? 

हाइड्रोपोनिक खेती में पाइप का प्रयोग करके पौधों को उगाया जाता है। पाइप में कई छेद बने होते हैं, जिसमें पौधे लगाए जाते हैं। इन्हीं पाइप के माध्यम से पौधे पोषक तत्वों को ग्रहण करते हैं।

हाइड्रोपोनिक्स तकनीक क्या है

हाइड्रोपोनिक खेती के पोषक तत्व

आपके मन में यही सवाल होगा कि पौधे के लिए तो केवल मिट्टी में ही पोषक तत्व पाए जाते हैं। तो आपको बता दें, कि ये सभी पोषक तत्वों को पानी में ही घोल कर दिया जाता है।

इसमें फास्फोरस, नाइट्रोजन, पोटाश, जिंक, सल्फर, मैग्निशियम, कैलशियम, आयरन आदि कई पोषक तत्व और खनिज पदार्थों को एक निश्चित मात्रा में मिलाकर घोल तैयार किया जाता है। इस घोल को निर्धारित किए गए समय के अंतराल पर पानी में मिलाया जाता है। जिससे पौधों को सभी पोषक तत्व मिलते रहते हैं।

हाइड्रोपोनिक तकनीक के फायदे (Benefits of hydroponic farming in Hindi)

  • इस तकनीक से बिना मिट्टी की भी खेती जाती है।
  • पानी से ही पौधों को सीधा पोषण मिलता है।
  • मिट्टी इस्तेमाल न होने से खरपतवार नहीं होता है।
  • इस तकनीक में पौधे 25-30% तेजी से वृद्धि करते हैं।
  • सब्जी में स्वाद, पोषण ज्यादा पाया जाता है।
  • इससे मिट्टी को प्रदूषण से बचाया जा सकता है।
  • इसे घरों के छतों पर भी खेती की जा सकती है।
  • शहरों के लिहाज से यह तकनीक काफी उपयुक्त है

हाइड्रोपोनिक खेती में कितनी लागत आती है? (Hydroponic farming setup cost in Hindi)

आपको बता दें, इस तकनीक का उपयोग करने के लिए पूरा सिस्टम इंस्टाल करना पड़ता है। आपको 1 लाख में 400 पौधे लगाने का सिस्टम मिल जाएगा। अगर सिस्टम को सही तरीके से इस्तेमाल किया जाए तो दूसरे साल से सिर्फ बीज और पोषक तत्व का ही खर्च आएगा। 

हाइड्रोपोनिक तकनीक का उपयोग करने के लिए पूरा सिस्टम बाजार या कंपनियों से खरीद सकते हैं। इसके लिए बड़े शहरों में स्टार्टअप्स कंपनियां लोगों को यह तकनीक की सुविधा प्रदान कर रही हैं। 

हाइड्रोपोनिक खेती की ट्रेनिंग कहां से लें?

हाइड्रॉपनिक्स तकनीक के सेटअप के लिए कई कंपनियां काम करती हैं जो शौकिया गार्डन से लेकर कमर्शियल फार्म सेट करने में आपकी मदद करती है। इसमें लेटसेक्ट्रा एग्रीटेक, बिटमाइंस इनोवेशंस, ट्राइटन फूडवर्क्स, फ्यूचर फार्म्स, जैसे कृषि स्टार्टअप्स काम कर रहे हैं। इन कंपनियों से हाइड्रॉपनिक्स सेटअप को आप खरीद सकते हैं। ये कंपनियां ट्रेनिंग से लेकर सिस्टम लगाने की सुविधा प्रदान करते हैं।  

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

प्रश्न- हाइड्रोपोनिक्स के क्या फायदे हैं?

उत्तर- हाइड्रोपोनिक्स खेती से वर्षभर खेती की जा सकती है। इस खेती में बीमारी की संभावना काफी कम रहती है और किसी भी मौसम में खेती की वजह से आप फसल को उच्चे दाम पर बेच सकते हैं। 

प्रश्न- हाइड्रोपोनिक्स में कौन से पौधे उगाए जाते हैं?

उत्तर- हाइड्रोपोनिक्स विधि में अधिकांश सब्जी वर्गीय फसलों की खेती की जाती है। इस विधि में आप खीरा, टमाटर, पालक, लौकी, शिमला मिर्च, ब्रोकली जैसे सब्जियों की खेती कर सकते हैं। 

प्रश्न- हाइड्रोपोनिक खेती से आप क्या समझते हैं?

उत्तर- हाइड्रोपोनिक खेती एक प्रकार से वैज्ञानिक खेती है। इस विधि में मिट्टी की जरूरत नहीं पड़ती है। पौधों को सभी आवश्यक पोषक तत्व पानी के माध्यम से दी जाती है। 

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