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ये हैं जैविक खाद के 4 प्रकार | Type of organic manure

आज इस ब्लॉग में जैविक खाद के 4 प्रकार (Type of organic manure and its benefits) जानते हैं, जिसका उपयोग आप खेतों में कर सकते हैं। 

ये हैं जैविक खाद के 4 प्रकार, जो मिट्टी की उर्वरा शक्ति और पैदावार बढ़ाएंगी

Type of organic manure and its benefits in hindi: रासायनिक खाद की तरह बाजार में कई प्रकार के जैविक खाद उपलब्ध होते हैं, जिसका उपयोग कर आप अपने खेतों की उर्वरा शक्ति के साथ-साथ पैदावार भी बढ़ा सकते हैं। किसान रासायनिक खाद खरीदकर अपनी फसलों का कीट और रोग से बचाव कर लेते हैं। लेकिन इन खाद और उर्वरक से मिट्टी और पैदावार को काफी नुकसान पहुंचता है। इसलिए किसानों को जहां तक हो सके जैविक खाद (organic manure) का ही उपयोग करना चाहिए। 

तो आइए, आज द रूरल इंडिया के इस ब्लॉग में जैविक खाद के 4 प्रकार (Type of organic manure and its benefits in hindi) जानते हैं, जिसका उपयोग आप खेतों में कर सकते हैं। 

ये हैं जैविक खाद के 4 प्रकार

  1. कम्पोस्ट खाद (Compost)
  2. गोबर खाद (Animal manures)
  3. हरी खाद (Plant manures)
  4. केंचुए की खाद (earthworm manure)

कम्पोस्ट खाद (Compost)

इसे गन्ने की सूखी पत्तियां, हल्दी के अवशेष और फसलों के अवशेषों को एकत्रित कर बनाया जाता है। इसके उपयोग से पैदावार बढ़ने की संभावना काफी बढ़ जाती है। कम्पोस्ट खाद रबी सीजन के लिए बहुत लाभकारी खाद माना जाता है।

गोबर खाद (Animal manures) 

गोबर खाद एक जैविक खाद है। इसमें कोई हानिकारक रसायन नहीं होता है। इसमें सूक्ष्म और स्थूल पोषक तत्व होते हैं। यह जड़ वाली फसलों के लिए काफी फायदेमंद है। इसमें सूक्ष्म जीव होते हैं, जो मिट्टी गुणवत्ता बढ़ाते हैं। इसके उपयोग से उपज भी अच्छी होती है। 

हरी खाद (Plant manures)

हरी खाद के लिए पहले खेत में कुछ फसल उगाई जाती है। जिसके बाद 10-15 दिन की अवधि में इसे गिरा दिया जाता है। फिर कुछ दिनों में घास सड़ने और गलने के बाद यह बन कर तैयार हो जाती है। हरी खाद में नाइट्रोजन की मात्रा भरपूर होता है। जिससे फसल की उत्पादन क्षमता बढ़ती है। 

केंचुए की खाद (earthworm manure) 

इसे वर्मी कंपोस्ट कहा जाता है। इसे किसानों का मित्र माना जाता है। केंचुए की खाद फसल से सारे हानिकारक कीटों को हटा देता है। इसके उपयोग से मिट्टी की उर्वरक क्षमता में बढ़ोतरी होती है।

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