कृषि

सरसों की 7 उन्नत किस्में | top 7 mustard varieties

आइए, आज हम लोग द रूरल इंडिया के इस ब्लॉग में सरसों की 7 उन्नत किस्मों (top 7 varieties of mustard seed) को जानते हैं। 

top 7 varieties of mustard seed: सरसों रबी की एक महत्वपूर्ण फसल है। रबी की मौसम की शुरुआत हो चुकी है। ऐसे में किसान अब खरीफ की फसल की कटाई के बाद रबी की फसल की बुआई की तैयारी में जुट चुके हैं। लाखों किसान सरसों की बुआई करते हैं। अतः किसानों को सरसों की उन्नत किस्मों की जानकारी का होना अत्यंत आवश्यक है। 

 

तो आइए, आज हम लोग द रूरल इंडिया के इस ब्लॉग में सरसों की 7 उन्नत किस्मों (top 7 varieties of mustard seed) को जानते हैं। 

 

1. Pioneer 45S35

इस किस्म की बुआई 15 सितंबर से 30 सितम्बर तक कर लेना चाहिए। बुआई के लिए एक एकड़ खेत में 1.300 किलो बीज पर्याप्त रहता है। इसके पौधों की ऊंचाई लगभग 5 फिट होती है। Pioneer 45S35 की 105 दिन में कटाई कर सकते हैं। औसतन उपज लगभग 10 से 12 क्विंटल और तेल की मात्रा 40% तक होती है। 

 

2. Pioneer 45S42 

इस किस्म की बुवाई सितंबर से अक्टूबर महीने में की जाती है। एक एकड़ खेत की बुवाई के लिए 1kg बीज पर्याप्त रहता है। इसके पौधे की ऊंचाई 160 से180 सेंटीमीटर तक होती है। Pioneer 45S42 किस्म लगभग 125 से 130 दिन में कटाई के लिए तैयार हो जाती है। इसकी औसतन उपज लगभग 12 से 13 क्विंटल और इसमें 42% तेल की मात्रा होती है। 

 

3. PIONEER 45S46 

इस किस्म की बुवाई अक्टूबर माह तक कर लेनी चाहिए। इसकी बुवाई के लिए 1.300 kg बीज की आवश्यकता होती है। इसके पौधे की ऊंचाई लगभग 190 सेंटीमीटर तक होती है। इसकी कटाई 125 से130 दिनों में कर ली जाती है। PIONEER 45S46 की औसतन उपज लगभग 12 से13 क्विंटल और 42% तेल की मात्रा होती है।

 

4. JULIE 

इसकी किस्म की बुवाई सितंबर से अक्टूबर माह तक कर ली जाती है। एक एकड़ खेत की बुवाई के लिए 1.5 kg बीज की आवश्कता होती है। इसके पौधे की ऊंचाई लगभग 180 सेंटीमीटर और पकने की अवधि 130 से 135 दिन होती है। JULIE की उपज लगभग 10 से 12 क्विंटल तथा तेल की मात्रा 42% तक होती है।

 

5. श्रीराम 1666 

इसकी बुवाई 15 सितंबर से 15 अक्टूबर तक कर लेनी चाहिए। एक एकड़ खेत की बुवाई के लिए 1.300 kg बीज पर्याप्त रहता है। इसके पौधे की ऊंचाई 170 सेंटीमीटर तथा पकने की अवधि 125 से 130 दिन होती है। श्रीराम 1666 की उपज लगभग 12 से 13 क्विंटल तथा तेल की मात्रा 40% तक होती है।

 

6. आरएच-30 

सरसों की यह किस्म सिंचित क्षेत्र के लिए उपयुक्त है। इसकी खेती मुख्य रूप से हरियाणा, पंजाब, पश्चिमी राजस्थान क्षेत्रों के लिए उपयुक्त है। इसकी उत्पादन क्षमता 10-12 क्विंटल प्रति एकड़ है। आरएच-30 में तेल की मात्रा 39 प्रतिशत तक होती है। यह किस्म 130 से 135 दिनों में पककर तैयार हो जाती है। 

 

7. पूसा बोल्ड 

सरसों की पूसा बोल्ड किस्म राजस्थान, गुजरात, दिल्ली, महाराष्ट्र क्षेत्रों में लगाई जाती है। इसकी फलियाँ मोटी होती हैं। पूसा बोल्ड प्रजाति का उत्पादन 10 क्विंटल प्रति एकड़ तथा इसमें तेल की मात्रा सबसे अधिक 42 प्रतिशत तक होती है। यह 130 से 140 दिन में पककर तैयार हो जाती है।

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