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मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना क्या है, यहां जानें | Soil Health Card Scheme in Hindi

मृदा स्‍वास्‍थ्‍य कार्ड योजना मिट्टी की सेहत की जांच की जाती है। इससे पता चलता है कि मिट्टी में किस पोषक तत्व की कमी या अधिकता है।

मृदा स्‍वास्‍थ्‍य कार्ड योजना (Soil Health Card Scheme)

Soil Health Card Scheme: क्या आपके खेत से उत्पादन कम होता जा रहा है? क्या आप बगैर मिट्टी (Soil) की जांच कराए खेती कर रहे हैं?

यदि हां… तो आपको मिट्टी की सेहत की जांच जरूर करानी चाहिए। इससे आपको मिट्टी की सेहत का पता चल सकेगा। इससे सही फसल के चुनाव में भी काफी मदद मिलेगी।  

आपको बता दें, मिट्टी की जांच भी वैसे ही होती है, जैसे हम अपने सेहत लिए डॉक्टर के पास जाकर कई प्रकार की जांच कराते हैं।

जब हम अपने शरीर के लिए इतना ध्यान रखते हैं, तो मिट्टी के लिए क्यूं नहीं?

इसके लिए हमारे देश में 2015 में सरकार द्वारा मृदा स्‍वास्‍थ्‍य कार्ड योजना (Soil Health Card Scheme) लांच की गई है। इसके तहत आप अपने खेत की मिट्टी की जांच करा सकते हैं। 

मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना क्या है? और सॉइल हेल्थ कार्ड स्कीम का लाभ लेने के लिए किसानों क्या करना चाहिए। इसकी संपूर्ण जानकारी सभी किसानों को होना बहुत जरूरी है। 

तो आइए, The Rural India के इस ब्लॉग में मृदा स्‍वास्‍थ्‍य कार्ड योजना (Soil Health Card Scheme 2023) के बारे में विस्तार से जानें। 

मृदा स्‍वास्‍थ्‍य कार्ड योजना (Soil Health Card Scheme)

हमारे देश में लाखों ऐसे किसान है जो परंपरागत खेती करते आ रहे हैं। वे कभी अपने खेत की मिट्टी की सेहत की जांच नहीं कराते हैं। गौरतलब है कि हर खेत में पोषण की स्थिति अलग-अलग होती है। मिट्टी में पोषण की सही स्थिति जानने के लिए 19 फरवरी को मृदा स्‍वास्‍थ्‍य कार्ड योजना शुरू किया गया है। जिससे किसानों को अपने खेत की सेहत का पता चल सके और वे मिट्टी पोषण की कमियों को दूर कर सकें।

आसान भाषा में कहें तो मृदा स्‍वास्‍थ्‍य कार्ड योजना मिट्टी की सेहत की जांच की जाती है। इससे पता चलता है कि मिट्टी में किस पोषक तत्व की कमी या अधिकता है। इस योजना में किसानों को मृदा स्‍वास्‍थ्‍य कार्ड दिया जाता है इसमें खेत की मिट्टी किस प्रकार की है, इसकी पूरी जानकारी मिलती है। उसी के अनुसार किसान अपने खेत में फसल की बुआई कर सकते हैं। 

मृदा स्‍वास्‍थ्‍य कार्ड योजना का उद्देश्य (Objective of Soil Health Card Scheme)

  • किसानों को उनकी ज़मीन की अध्य्यन करके मृदा स्वास्थ्य कार्ड प्रदान करना
  • मिट्टी के स्वास्थ्य के अनुसार फसल लगाने के लिए प्रोत्साहित करना
  • मिट्टी की गुणवत्ता अनुसार फसल में उर्वरक की मात्रा को बताना
  • खाद के उपयोग से मिट्टी के आधार और संतुलन को बढ़ावा देना
  • किसानों को कम कीमत में अधिक पैदावार दिलाना
  • किसानों की आय में बढ़ोतरी में मदद करना

मृदा स्‍वास्‍थ्‍य कार्ड योजना के लाभ (Benefits of Soil Health Card Scheme)

  • मिट्टी की स्वास्थ्य की सही जानकारी होती है।
  • मिट्टी की जांच करने से खेती के खर्च में कमी आती है।
  • पोषण कमियों को दूर किया जा सकता है। 
  • मिट्टी की पोषक तत्वों के आधार पर फसल का चयन किया जा सकता है।
  • जांच के बाद सही मात्रा में उर्वरक दिए जाने में मदद मिलती है। 
  • किसानों की आय में भी इजाफा होता है और बेहतर खेती संभव हो पाती है।

सॉइल हेल्थ कार्ड पर क्या होता है?

  1. मिट्टी की सेहत की जानकारी
  2. खेत की उत्पादक क्षमता
  3. पोषक तत्व की मौजूदगी और पोषक तत्व की कमी
  4. पानी की मात्रा यानी नमी
  5. अन्य उपस्थित पोषक तत्व
  6. खेतों की गुणवत्ता सुधारने हेतु उचित दिशनिर्देश

मृदा स्‍वास्‍थ्‍य कार्ड योजना में मिट्टी की जांच की प्रक्रिया (Soil Testing Procedure in Soil Health Card Scheme)

  1. सबसे पहले अधिकारी किसान के खेत की मिट्टी के सैंपल इकट्ठा करते हैं। 
  2. इसके बाद मिट्टी को परीक्षण के लिए लेबोरेटरी यानी लैब में भेजा जाता है।
  3. जांच टीम मिट्टी के सैंपल की जानकारियां हासिल करके उसकी गुणवत्ता बताते हैं।
  4. यदि मिट्टी में कुछ कमी है तो उसके सुधार के लिए सुझाव दिए जाते हैं।
  5. उसके बाद इस रिपोर्ट को किसान के नाम के साथ ऑनलाइन अपलोड किया जाता है।
  6. इससे किसान मिट्टी का रिपोर्ट ऑनलाइन देख सकते हैं।

मृदा स्वास्थ्य कार्ड कैसे बनवाएं (how to make soil health card)

सॉइल हेल्थ कार्ड बनवाना बेहद ही आसान है। इसके लिए राज्य सरकारें गांव स्तर पर मिट्टी जांच केंद्र खोल रही है। वहां जाकर आप अपने मिट्टी की जांच करा सकते हैं। इसके अलावा आप जिले के कृषि विज्ञान केंद्र या कृषि विभाग से संपर्क करें।

ऐसे करें, मृदा स्वास्थ्य कार्ड (Soil Health Card) के लिए आवेदन 

  • सबसे पहले इस योजना की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं।
  • होम पेज पर दिए गए Login के ऑप्शन पर क्लिक करें।
  • नया पेज खुलने पर अपने राज्य को सलेक्ट करके Continue पर क्लिक करें।
  • लॉगिन पेज खुलने पर Registration New User के ऑप्शन पर क्लिक करें।
  • मांगी गई सभी जानकारी भरने के बाद सबमिट के बटन पर क्लिक करें।
  • रजिस्ट्रेशन के बाद आईडी और पासवर्ड डाल कर लॉगिन करें।
  • इस तरह मृदा स्वास्थ्य कार्ड (Soil Health Card) के लिए आपका आवेदन स्वीकार हो जाएगा। 

ये तो थी, मृदा स्वास्थ्य कार्ड की बात। लेकिन, The Rural India पर आपको कृषि एवं मशीनीकरण, सरकारी योजनाओं और ग्रामीण विकास जैसे मुद्दों पर भी कई महत्वपूर्ण ब्लॉग्स मिलेंगे, जिनको पढ़कर अपना ज्ञान बढ़ा सकते हैं और दूसरों को भी इन्हें पढ़ने के लिए प्रेरित कर सकते हैं। 

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