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मोमबत्ती का बिजनेस कैसे करें? | mombatti banane ka business

मोमबत्ती बनाने की बिजनेस में आपको बहुत अधिक बड़े स्थान की आवश्यकता नहीं है। आप घर के एक छोटे से कमरे से भी इस व्यवसाय को शुरू कर सकते हैं।

मोमबत्ती बनाने का बिजनेस कैसे करें? यहां जानें लागत और कमाई

mombatti banane ka business: जन्मदिन हो या शादी की सालगिरह की पार्टी, प्रेमियों के लिए कैंडल लाईट डिनर हो या फिर ‘निर्भया’ के इंसाफ के लिए उठनेवाली आवाज या दीवाली जैसे पर्व त्योहार मानो बिना मोमबत्ती (Candle) के अधूरा है। ‘खुशी’ के पल हो या ‘गम’ के हरेक परिस्थिति में ‘मोमबत्ती’ की उपस्थिति दर्ज होती ही हैं। 

होटल के डेकोरेशन की बात हो या घर की मोमबत्ती सभी स्थानों को रोशन करती है। इन कुछेक उदाहारणों को देखने से ही मोमबत्ती के उपयोग और खपत का आंकड़ा लगाया जा सकता है। मांग और खपत को देखते हुए मोमबत्ती उद्योग को व्यवसाय  के रूप में अपनाना लाभकारी कहा जा सकता है।

मोमबत्ती की खपत ही सिर्फ इसको व्यवसाय के रूप में अपनाने के लिए काफी नहीं है कई ऐसे अन्य कारण है जो इस उद्योग की अग्रसर करते हैं। आज हम बात करेंगे कि क्यों मोमबत्ती बनाने का बिजनेस (mombatti banane ka business) के बारे में सोचा जाए। 

तो आइए द रूरल इंडिया के इस ब्लॉग में मोमबत्ती बनाने का बिजनेस कैसे करें? विस्तार से जानें

मोमबत्ती बनाने का बिजनेस कैसे करें? यहां जानें लागत और कमाई

कम लागत

मोमबत्ती का उद्योग कम लागत में भी शुरू किया जा सकता है। ‘कोरोना काल’ में बहुत से लोगों ने अपनी नौकरी को गंवाया हैं। ऐसी परिरिस्थति में लोगों की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं रही है। लोगों केा अपनी नौकरियों को छोड़कर घरों पर बैठना पड़ा है। दूसरी ओर कार्यालयों में काम करने पर भी उन्हें पैसा काटकर दिया जाता है।

ऐसी स्थिति में बहुत से लोग अपना व्यवसाय करने के विषय में सोच रहे हैं तो उनके लिए यह सुनहरा अवसर हो सकता है। मोमबत्ती बनाने का बिजनेस (mombatti banane ka business) आप 10 हजार से लेकर लाखों रूपए तक में शुरू कर सकते हैं। अगर आप मशीनरी के द्वारा काम करना चाहते हैं तो आप की लागत 50 हजार से लाखों रूपए तक जा सकती हैं। लेकिन हाथों से करने पर आप कम लागत में यह व्यवसाय शुरू कर सकते हैं। 

मोमबत्ती बिजनेस के लिए स्थान

मोमबत्ती बनाने की बिजनेस में आपको बहुत अधिक बड़े स्थान की आवश्यकता नहीं है। आप घर के एक छोटे से कमरे से भी इस व्यवसाय को शुरू कर सकते हैं। अगर इस उद्योग को हम अपने हाथों से करें तो इसके लिए हमें कोई अतिरिक्त घर या आफिस लेने की आवश्कता नहीं होती है। मशीनों को उपयोग करने के लिए अतिरिक्त जगह आवश्यक जरूर पड़ेगी। 

मोमबत्ती बनाने का बिजनेस कैसे करें? यहां जानें लागत और कमाई

समय की बचत

मोमबत्ती बनाने में समय भी अपेक्षाकृम कम लगता है। हम हाथ से मोमबत्ती बनाने की बात करें एक व्यक्ति 40 से 45 मिनट में लगभग 100 मोमबत्तियों का निर्माण कर सकता है। मशीनों से कम समय में अधिक मोमबत्ती बनाया जाता है। मशीनों की क्षमता पर निर्भर करता है कि कितनी मोमबत्ती बन सकता है। जैसे की अगर आप अर्ध स्वचालित मशीन का उपयोग कर रहे है, तो यह मशीन 15 मिनट में 300 मोमबत्तियों का उत्पादन कर सकती है। वहीं कई मशीनें ऐसी है जो एक घंटे में 100 मोमबत्तियों का उत्पादन कर सकती है। 

श्रमशक्ति (मैन पावर)

कम लोगों के द्वारा भी इस उद्योग को प्रारंभ किया जा सकता है। 2-3 लोग कैंडल मेंकिग, मार्केटिंग इत्यादि अन्य काम कम सकते हैं। अन्य उद्योगों की अपेक्षा इसमें कम मैनपावर की आवश्यकता होती है। 

कच्चे सामग्री की उपलब्धता

मोमबत्ती में लगने वाले समानों के दाम भी कम होते हैं। कम कीमत में इन सामग्रियों को खरीदकर उससे मोमबत्ती बनाकर लाभ कमाया जा सकता है। कच्ची साम्रगी थोक भाव में कम दाम पर मिल जाता है। 

मोमबत्ती उद्योग में 40 से 50 प्रतिशत लाभ होता है। अगर इस उद्योग में काम करने वाले लोग परिवार के हो तो यह लाभ का प्रतिशत परिवार में ही रह जाता हैं। 

योग्यता

मोमबत्ती उद्योग में काम करने के लिए या स्थापना करने के लिए बहुत अधिक शैक्षणिक योग्यता की आवश्यकता नहीं होती। 8वीं पास भी इस उद्योग में काम कर सकते हैं। इतनी योग्यता अवश्य होनी चाहिए कि व्यक्ति सामग्रियों के बारें में जान सके। 

मोमबत्ती व्यवसाय के लिए सरकारी योजना और सब्सिडी

मोमबत्ती बनाने का बिजनेस कुटीर और लघु उद्योग दोनों की श्रेणी में आता है। कुटीर और लघु उद्योग को बढ़ावा देने के लिए सरकार की ओर से कई योजनाएं चलाई जा रही है। आपको जानकारी होना चाहिए कि सरकार ने छोटे-छोटे व्यवसाय को संरक्षित करने के लिए सब्सिडी दे रखी है।

यह सब्सिडी लोन की किस्त नियमित रूप से भरने पर अंतिम अवधि में दी जाती है। सरकार ने ऐसी कई विकास योजनाओं को लागू किया है। इन योजनाओं के द्वारा कुटीर उद्योग को बेहतर बनाया जा सकता है। कुछ योजनाएं हैं-प्रधानमंत्री मुद्रा योजना, प्रधानमंत्री रोजगार जेनरेशन प्रोग्राम, प्रधानमंत्री रोजगार योजना, राष्ट्रीय लघु उद्योग निगम।

मोमबत्ती बनाने का बिजनेस शुरू करने के लिए लोन

सरकार ने कुटीर उद्योग के लिए कम ब्याज दरों पर लोन देने की योजना बना रखी है। यह लोन किसान क्रेडिट कार्ड योजना के जरिए मिल जाता है. खास बात है कि इसमें किसी दस्तावेज़ की ज़रूरत भी नहीं होती है। इसके लिए सरकार द्वारा मुद्रा लोन भी दिया जाता है।

मोमबत्ती बनाने का बिजनेस के लिए प्रशिक्षण

कई संस्थानों द्वारा कुटीर और लघु उद्योगों के लिए प्रशिक्षण भी दिया जाता है। प्रषिक्षण के साथ-साथ मानदेय भी दिया जाता है। सरकार की ओर से भी समय-समय पर भी कई कार्यक्रमों का आयोजन कर जानकारी दी जाती है। कई बड़े संस्थान भी जहां मोमबत्ती उद्योग संबंधी पढ़ाई भी करवाई जाती है। 

मोमबत्ती के लिए बाजार

मोमबत्ती की जरूरत आज प्रत्येक वर्ग के लोगों को महसूस हो रही है। खुशी हो या गम प्रत्येक परिस्थिति में मोमबत्ती की आवश्यकता रही है। ऐसे में यह कहना सही रहेगा कि मोमबत्ती का बाजार बड़ा है। ऐसी परिसिथति में मोमबत्ती बनाने वाले लोगों के लिए अपने उत्पाद के बारे में बाजार की तलाश करना अन्य उद्योगों की अपेक्षा आसान है। छोटे-छोटे और बड़’े से बड़े जगहों पर इसके लिए बाजार उपलब्ध है। 

पूंजी डूबने का खतरा कम

मोमबत्ती उद्योग में पूंजी डूबने का खतरा न के बराबर होता है। मोमबत्ती बनने के बाद भी अगर वह किसी कारणवश कुछ समय तक नहीं बिक सकता तो भी परेशान होने की कोई आवश्यकता नहीं होती है। कुछ समय पश्चात् भी मोमबती को बाजार में बेचने पर लाभ में कोई कमी नहीं होती। 

इन सब बातों के अतिरिक्त मोमबत्ती बनाने का बिजनेस प्रारंभ करने से पहले कुछ अन्य बातों पर ध्यान देना भी अति आवश्यक है। मोमबत्ती बनाने का बिजनेस अगर बड़े स्तर पर स्थापित किया जा रहा है तो व्यापार को शुरू करने के लिए क़ानूनी प्रक्रिया की जानकारी होना आवश्यक है।  जैसे -कम्पनी की संरचना, व्यापार का रजिस्ट्रेशन, पैन कार्ड, व्यावसायिक खाता, करों का भुगतान इत्यादि। 

बदलते समय में युवाओं के सामने सही करियर का चुनाव करना किसी चुनौती से कम नहीं है। सबसे बड़ी चुनौती है अपने मन-मुताबिक काम मिलना। आज देश में एक से बड़ी एक मल्टीनेशनल कंपनियां हैं, लेकिन उनमें नौकरी करके भी युवाओं को संतोष नहीं मिलता, इसलिए वे अपना व्यवसाय शुरू करने में विश्वास करने लगे हैं।

अधिकतर युवा जोश में आकर बड़े स्तर पर अपना व्यवसाय शुरू कर लेते हैं, लेकिन बाजार की समझ न होने के कारण असफल हो जाते हैं। ऐसे में आवश्यक है कि छोटे निवेश के साथ व्यवसाय शुरू किया जाए जिससे कि जोखिम न हो।

मोमबत्ती उद्योग में इस लिहाज से जोखिम कम है। मोमबत्ती का उद्योग गांव में स्थापित किया जाए या शहर में इसका बाजार बहुत बड़ा है। अगर गांव की बात करें तो स्थानीय बाजार या कस्बों में लगने वाले हाट-बाजार में भी मोमबती बेचा जा सकता है। शहर में दुकानदारों के साथ् होटल, चर्च, मॉलों इत्यादि में बाजार की कोई कमी नहीं है।

ये तो थी मोमबत्ती बनाने का बिजनेस (mombatti banane ka business) की बात। लेकिन, The Rural India पर आपको कृषि, मशीनीकरण, सरकारी योजना और ग्रामीण विकास जैसे मुद्दों पर भी कई महत्वपूर्ण ब्लॉग्स मिलेंगे, जिनको पढ़कर अपना ज्ञान बढ़ा सकते हैं।

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