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सेक्स सॉर्टेड सीमेन तकनीक: सिर्फ बछिया पैदा करने में कारगर

सेक्स सॉर्टेड सीमन तकनीक (sex sorted seamen technique) तकनीक की सहायता से गाय और भैंस बछिया या पड़ियों को ही जन्म देती हैं।

sex sorted seamen technique in hindi: किसान और पशुपालक दोनों ही अधिक से अधिक मुनाफा कमाना चाहते हैं। इसके लिए वह पशु के चारे से लेकर रोग, दवा आदि का भरपूर ख्याल रखते हैं, साथ ही स्वस्थ्य शिशु के लिए कई तरह की तकनीक का भी इस्तेमाल करने लगे हैं।
इनमें एक है सेक्स सॉर्टेड सीमन तकनीक (sex sorted seamen technique)
इस तकनीक की सहायता से गाय और भैंस बछिया या पड़ियों को ही जन्म देती हैं। सॉर्टेड सीमन तकनीक से गायों की संख्या बढ़ाने में काफी मदद मिल रही है। 

तो आइए द रूरल इंडिया के इस लेख में सॉर्टेड सीमन तकनीक (sex sorted seamen technique) की प्रक्रिया और फायदे को आसान भाषा में जानें। 

सॉर्टेड सीमन तकनीक क्या है (sex sorted seamen technique)

सामान्य तौर पर सीमन सैंपल में कुछ स्पर्म x क्रोमोसोम वाले होते हैं तथा कुछ स्पर्म क्रोमोसोम y वाले होते हैं। ऐसे में सीमन से एआई (कृत्रिम गर्भाधान) करने पर यदि x क्रोमोसोम वाला स्पर्म अंडे को फर्टिलाइज करता है, तो बछिया पैदा होती है और यदि y क्रोमोसोम वाला क्रोमोसोम अंडे को फर्टिलाइज करता है, तो बछड़ा पैदा होता है। लेकिन सेक्स सोर्टेड सीमन तकनीक सीमन सैंपल में सभी स्पर्म x क्रोमोसोम कैरी करने वाले होते हैं या सभी स्पर्म y क्रोमोसोम कैरी करने वाले होते हैं। जिससे x क्रोमोसोम वाले सेक्सड सीमन से AI करने पर बछिया ही पैदा होती है तथा y क्रोमोसोम वाले सेक्सड सीमन से AI करने पर बछड़ा पैदा होता है। 

सॉर्टेड सीमन तकनीक के फायदे (Benefits of Sorted Seam Technique)

  • पशुपालक की आय में बढ़ोतरी।
  • पशुओं के दुग्ध उत्पादन में वृद्धि होती है। 
  • मादा पशुओं की संख्या बढ़ेगी। 

बता दें, इस तकनीक के इस्तेमाल से 90 प्रतिशत बछिया ही पैदा होती है। देश के लगभग सभी राज्यों में इस तकनीक से गाय और भैंसों का एआई करवाया जा रहा है। सॉर्टेड सीमन तकनीक से एआई कराने के लिए सामान्य और पिछडा वर्ग के पशुपालकों से 450 रुपए लिए जाते हैं, वहीं अनुसूचित जाति और जनजाति समुदाय के पशुपालकों को 400 रुपए देने होते हैं। अन्य जानकारी आप अपने नजदीकी पशु चिकित्सालय जाकर प्राप्त कर सकते हैं।

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