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ग्रीनहाउस खेती क्या है? | Greenhouse Farming in Hindi

ग्रीन हाउस तकनीक (Greenhouse Farming) से आप 12 महीने खेती करके अच्छा उत्पादन ले सकते है। आइए, इस ब्लॉग में जानें ग्रीन हाउस तकनीक क्या है।

ग्रीनहाउस खेती क्या है? यहां जानें ग्रीनहाउस खेती के लाभ | Greenhouse Farming in Hindi

Greenhouse Farming in Hindi: आजकल हर किसान चाहता है कि अपने खेत में 12 महीने फसल उगाए और उसे बेचकर अच्छे पैसे कमाए। ऐसे में ग्रीन हाउस तकनीक (Greenhouse Farming) का इस्तेमाल करके आप खेती से अच्छा उत्पादन ले सकते है। इस तकनीक से आप 12 महीने खेती कर अच्छी खासी कमाई कर सकते हैं। 

 

तो आइए, द रूरल इंडिया के इस ब्लॉग में जानें- ग्रीनहाउस खेती क्या है? और ग्रीनहाउस खेती के लाभ (Greenhouse Farming in Hindi).

 

सबसे पहले जानते हैं कि ग्रीनहाउस क्या है?

 

ग्रीन हाउस (Greenhouse) से तात्पर्य है की ऐसी परिस्थिति से है जहां आप मैनुअल रूप से वातावरण को नियंत्रित करके फसल को आसानी से उगा सकते हैं। ग्रीनहाउस तकनीक (Greenhouse Farming) से फसलों को विकसित करने और उत्पाद बढ़ाने में मदद करती है। आसान भाषा में कहें तो यह फसलों को संरक्षित करने का एक तकनीक है।

 

आपको बता दें, भारत दुनिया में ग्रीनहाउस तकनीक का इस्तेमाल करके खेती करने वाला तीसरा सबसे बड़ा देश है। 

 

ग्रीनहाउस खेती क्या है

ग्रीन हाउस खेती खेती की एक ऐसी तकनीक है। जिसमें मौसमी फसलों के साथ हम गैर मौसमी फसलों की खेती भी कर सकते हैं। यह सालभर फसल और फूलों की उपज की वृद्धि को समृद्ध बनाने में मदद करता है। यह फसलों की रक्षा करने और उन्हें कीटों के साथ-साथ बीमारियों से मुक्त रखने और हर समय विकास को बनाए रखने में मदद करता है। इस प्रकार की खेती की सबसे खास बात यह है कि इसमें बहुत कम मात्रा में पानी की आवश्यकता होती है।

 

ग्रीनहाउस खेती के लाभ

  • ग्रीन हाउस की सहायता से आप पूरे साल खेती कर सकते हैं। 
  • ग्रीन हाउस खेती में फसलों के उत्पादन में वृद्धि होती है।
  • बेहतर गुणवत्ता वाले फसल उगाए जा सकते हैं क्योंकि वह नियंत्रित पर्यावरण में किए जाते हैं।
  • फसलों में लगने वाले कीट और रोगों का प्रबंधन आसानी से करना संभव होता है।

 

ग्रीनहाउस फ्रेम बनाने के लिए जरूरी सामान

  • लकड़ी
  • बांस
  • स्टील
  • लोहे का पाइप
  • एल्यूमीनियम 
  • कंक्रीट (RCC)

 

भारत में ग्रीनहाउस खेती कैसे शुरू करें

अगर आप ग्रीनहाउस खेती की शुरुआत करना चाहते हैं तो सबसे पहले आपको किसी प्रशिक्षण केंद्र से ग्रीन हाउस खेती की पूरी ट्रेनिंग ले लेनी चाहिए। क्योंकि बिना ट्रेनिंग खेती कर पाना मुश्किल है। उसके बाद आपको इस खेती में लगाने के लिए कुछ पूंजी की जरूरत होगी। इसमें लगने वाले जरूरी सामान खरीदना होगा। अगर आप इतना करने में सक्षम है तो आप पहले योजना बनाकर इसकी शुरुआत कर सकते हैं।

 

अगला कदम, आपको सरकार द्वारा दी जाने वाली ग्रीनहाउस खेती के लिए सब्सिडी के लिए आवेदन करना होगा। इसके बाद आपको एक संरचना के लिए एक ग्रीनहाउस निर्माण कंपनी को ऑर्डर देना होगा। अच्छे मुनाफे के लिए आपको इसके बारे में मार्केटिंग करनी होगी।

 

ग्रीनहाउस खेती तकनीक इस्तेमाल करने वाले बड़े राज्य

कर्नाटक भारत में सबसे अधिक ग्रीनहाउस खेती करने वाला राज्य है। यहां लगभग सभी सब्जियां ग्रीनहाउस में उगाई जाती हैं। इसके अलावा गुजरात, ओडिशा, उत्तर प्रदेश, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान, बिहार, केरल और हरियाणा में भी ग्रीनहाउस खेती की जाती है।

 

ग्रीनहाउस बनाने में खर्च 

ग्रीनहाउस स्थापित करने में लगभग 750 रुपये से 1000 रुपये प्रति वर्ग मीटर का खर्च आता है। लागत की सीमा सामग्री की गुणवत्ता, स्थान, आकार, आकार और संरचना जैसे कुछ कारकों पर निर्भर करती है। हम सहायक सामग्री के रूप में बांस, धातु के पाइप, लकड़ी आदि का उपयोग कर सकते हैं। स्टील और अन्य धातु के पाइपों में अन्य सामग्रियों की तुलना में अधिक स्थायित्व होता है। हालांकि ग्रीनहाउस को स्थापित करना और उसका रखरखाव करना महंगा है, लेकिन अगर हम इसका उचित तरीके से उपयोग करते हैं, तो हम बड़े पैमाने पर लाभ प्राप्त कर सकते हैं। 

 

ग्रीनहाउस पर सब्सिडी (Subsidy on greenhouse)

सरकार ग्रीनहाउस की स्थापना के लिए 25 से 50% सब्सिडी देकर ग्रीनहाउस खेती को प्रोत्साहित कर रही है।

 

मिशन फॉर इंटीग्रेटेड डेवलपमेंट ऑफ हॉर्टिकल्चर (MIDH) के अंतर्गत ग्रीनहाउस निर्माण पर सरकारी सब्सिडी अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग होती है। सब्सिडी 50% से 80% तक हो सकती है। सब्सिडी का विवरण और कुल सब्सिडी वाली राशि के भुगतान की शर्तों पर संबंधित राज्य के बागवानी विभाग (DoH) से प्राप्त की जा सकती है।

 

जो किसान भाई ग्रीनहाउस स्थापित करना चाहते हैं, वह राष्ट्रीय बागवानी बोर्ड द्वारा शुरू की गई योजनाओं के माध्यम से लाभ उठा सकते हैं। यदि किसान 2,000 वर्ग मीटर या अधिक में अपना ग्रीनहाउस स्थापित करता है, तो कुछ राज्य 80% तक सब्सिडी प्रदान करते हैं।

 

भारत में ग्रीन हाउस खेती के प्रमुख प्रशिक्षण केंद्र

  • भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद- कृषि भवन, डॉ. राजेंद्र प्रसाद रोड, नई दिल्ली 110001
  • गोविंद ग्रीनहाउस प्राइवेट लिमिटेड- शुभम कॉम्प्लेक्स, शॉप नं। 20, चाकन रोड तालेगांव, तालुका मावल, वतन नगर, पुणे 410507
  • एनआईपीएचटी बागवानी प्रशिक्षण केंद्र- एन. 398-400, सीआरपीएफ परिसर के बगल में, पुणे-मुंबई राजमार्ग 410506
  • कृषि विज्ञान विश्वविद्यालय- किसान प्रशिक्षण संस्थान (एफटीआई) – जीकेवीके, बैंगलोर 560065
  • बागवानी प्रौद्योगिकी संस्थान- डी-1 कृष्णा अप्रा बिल्डिंग, तीसरी मंजिल, अप्रा वाणिज्यिक बेल्ट, ग्रेटर नोएडा 201308
  • ऑल इंडिया ऑर्गेनिक फार्मिंग सोसाइटी- SCO-170, पहली मंजिल, रेड स्क्वायर मार्केट, हिसार 125001

 

ग्रीनहाउस खेती के लिए उपयुक्त फसलें

हम जानते हैं कि ग्रीनहाउस खेती की मांग अधिक हो रही है। और इसके लिए अधिक निवेश की आवश्यकता है। लोग ग्रीनहाउस या बगीचों में स्थानीय रूप से उगाई जाने वाली सब्जियां खरीदना पसंद करते हैं।  

 

ग्रीनहाउस के उपयुक्त 10 फसलें

1. स्वीट कॉर्न

ग्रीनहाउस में मकई की खेती अच्छी होती है। एक फायदा यह है कि आपको पक्षियों या गिलहरियों से होने वाले कॉर्न के फलियों के नुकसान के बारे में चिंता करने की जरूरत नहीं होगी। जिससे आपको मक्का की अच्छी उपज मिल सकती है।

 

2. खीरा

खीरा ग्रीनहाउस में बोने के लिए एक अच्छी फसल है। बाजार में खीरे के कई प्रकार उपलब्ध होते हैं। अगर आप ग्रीन हाउस की सहायता से खीरा की खेती करते हैं तो लंबे समय तक उत्पादन भी ले सकते हैं।

 

3. बेबी गाजर 

अधिकांश दुकानों में बेबी गाजर की मांग है। हालांकि, यह बहुत अधिक मिट्टी की गहराई के बिना ग्रीनहाउस में भी अच्छी तरह से काम करता है। इसके अलावा, बेबी गाजर को  तुड़ाई तक पहुंचने में ज्यादा समय नहीं लगता है।

 

4. कद्दू

कद्दू की खेती भी आप ग्रीन हाउस में कर सकते हैं। 

 

5. पालक

पालक एक स्वस्थ और लाभदायक फसल है। यह बढ़ता है, और जब इसे काट दिया जाता है, तो यह वापस बढ़ता है। तो आप ग्रीन हाउस खेती की सहायता से बाजार में पालक से अच्छा मुनाफा कमा सकते  हैं।

 

6. टमाटर

ग्रीन हाउस का इस्तेमाल करके टमाटर उगाना काफी आसान है। और आजकल सालों भर टमाटर की मांग बाजारों में रहती है। कई तरह से लोग टमाटर का इस्तेमाल करते हैं  तो अगर आप ग्रीनहाउस की सहायता से टमाटर की खेती करते हैं तो भी अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं।

 

7. जड़ी बूटी

जब जड़ी-बूटियों की बात आती है तो सबसे पहले हमारा दिमाग आयुर्वेदिक चीजों की तरफ जाता है। आयुर्वेदिक की मांग भारत में कभी भी खत्म नहीं हो सकती है। तो अगर आप ग्रीन हाउस के मदद से जड़ी बूटी की खेती करते हैं। तो आप बहुत ही कम समय में आगे बढ़ सकते हैं। आप जल्दी से थाइम, पुदीना, मेंहदी, और तुलसी की खेती कर सकते हैं। या ग्रीनहाउस में कैलेंडुला, कैमोमाइल, अदरक, और कई अन्य औषधीय जड़ी बूटियों में शाखा लगा सकते हैं।

 

8. लहसुन

लहसुन में भी औषधीय गुण पाए जाते हैं। तो अगर आप ग्रीन हाउस खेती की मदद से लहसुन की खेती करते हैं तो भी आपको फायदा हो सकता है।

 

9. स्ट्रिंग बीन्स

ग्रीन हाउस खेती की सहायता से स्ट्रिंग बीन्स उगाना बेहद आसान है। इसे हर हफ्ते या दो बार रोप कर काटा जा सकता है।

 

10. स्क्वैश

स्क्वैश की खेती के लिए अन्य फसलों की तुलना में अधिक जगह की आवश्यकता होती है। लेकिन इसका इस्तेमाल बाजारों में हमेशा रहती है। इसलिए इस प्रकार की फसलों के लिए ग्रीनहाउस खेती सर्वोत्तम है।

 

ये तो थी, ग्रीनहाउस खेती क्या है? और ग्रीनहाउस खेती के लाभ (Greenhouse Farming in Hindi) की बात। यदि आप इसी तरह कृषि, मशीनीकरण, बागवानी, पशुपालन, सरकारी योजना, बिजनेस आइडिया या ग्रामीण विकास की जानकारी चाहते हैं तो अन्य लेख जरूर पढ़ें और दूसरों को भी फेसबुक, ट्विटर जैसे सोशल मीडिया पर पढ़ने के लिए शेयर करें।

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