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गांव में रहने के फायदे | gaon ke fayde

गांव में किसान जो सब्जियों की खेती करते हैं वही सब्जियां गांव के लोग खाते हैं जिससे हमें सब्जियों का पूरा पोषण मिलता है।

आज हम इस ब्लॉग में गांव में रहने के फायदे (advantages of village life in hindi) के बारे में बताएंगे।
तो आइए जानते हैं, गांव के फायदे (gaon ke fayde)
Advantages of village life (गांव में रहने के फायदे)

स्वास्थ्य भी, खुली हवा भी (health and open air)

हम सब जानते हैं कि शहरों में कितना ज्यादा प्रदूषण है, ताजी हवा खाने के लिए हमें बाग बगीचा किसी खुली हवा में जाना पड़ता है क्योंकि शहर में शोरगुल के चलते हमें खुली हवा प्राप्त नहीं हो पाती किंतु गांव में रहने का सबसे बड़ा फायदा यह है कि वहां खुली स्वस्थ एवं ठंडी हवा है। पेड़ पौधों के होने के कारण वहां का वातावरण स्वच्छ और साफ रहता है।
  • शहरों में भले ही व्यक्ति अपने स्वास्थ्य का कितना भी ध्यान रखें किंतु स्वच्छ हवा और प्रदूषण के कारण हमें विभिन्न तरह की बीमारियां घेर लेती हैं किंतु गांव में पाया जाता है कि ज्यादातर लोग स्वस्थ रहते हैं और उन्हें जल्दी से बीमारियां नहीं होती है। इसका एकमात्र कारण  है गांव की स्वच्छ वातावरण।
  • जिस प्रकार गांव में ना सिर्फ खुली और स्वच्छ हवा है, अपितु मोटरसाइकिल और अन्य वाहनों के कम होने के कारण भी प्रदूषण कम है।
  • हमारे गांवों में बड़े-बड़े खेत खलिहान होने की वजह से वहां का वातावरण खुला व प्रदूषण मुक्त रहता है।
  • सड़कों पर चलने वाले वाहनों के कारण उस से निकलने वाला धुआं हमारी ताजी हवा में प्रदूषण फैला देता है जो स्वस्थ के लिए हानिकारक है।
  • गांव में पक्षियों का कलरव, हरे भरे पेड़, चारों ओर फैले हुए खेत मन को आनंदित करते हैं जिससे शारीरिक स्वस्थ के साथ साथ मानसिक स्वस्थ भी बनता है।

ताजी सब्जियों की उपलब्धता (availability of fresh vegetables)

  • शहरों में हमें वहीं सब्जियां मिलती हैं जो कि हमें सब्जी वाला दे जाता है या हम सब्जी मंडी से खरीदते हैं, किंतु हमें पता भी नहीं होता कि वह सब्जियां ताज़ी है या नहीं। अपनी रोज़मर्रा की व्यस्त जिंदगी के कारण हम वही सब्जियां खरीद लेते हैं जो हमें आसानी से प्राप्त हो जाती हैं।
  • कुछ लोग तो मॉल इत्यादि में जाकर भी सब्जियां खरीदते हैं जो कि बासी या कई दिन पुरानी भी होती है, उसका सेवन करना और भी ज्यादा हानिकारक है।
  • शहरों में मिलने वाली सब्जियों में पेस्टीसाइड और अन्य तरीके के केमिकल्स एवं दवाइयां डाली जाती है, जिससे कि वह देखने में ताजी लगे और शहर में रहने वाले लोगों को ना चाहते हुए भी इन्हीं सब्जियों का सेवन करना पड़ता है जिससे अनेक तरह की बीमारियां उत्पन्न होती है।
  • सब्जियां हमारे स्वास्थ्य के लिए वैसे तो सेहतमंद हैं, किंतु वही सब्जियां अंततः हमारे स्वास्थ्य को बिगाड़ देती हैं।
  • गांव में रहने का सबसे बड़ा फायदा यह भी है कि हमें वहां से खेतों के जरिए ताजी सब्जियां खाने को मिल जाती हैं जिसमें किसी भी प्रकार के पेस्टीसाइड नहीं होते हैं।
  • ऐसी ताजी सब्जियों को ग्रहण करने से गांव में रहने वाले लोग हष्ट-पुष्ट और स्वस्थ रहते हैं और सब्जियों से मिलने वाला पोषण हमारे शरीर को पर्याप्त मात्रा में मिल जाता है।
  • गांव में किसान जो सब्जियों की खेती करते हैं वही सब्जियां गांव के लोग खाते हैं जिससे हमें सब्जियों का पूरा पोषण मिलता है और किसी भी प्रकार की हानि नहीं पहुंचती है।

अनुशासन (Discipline)

गांव में रहने वाले लोग शहर में रहने वाले लोगों की तुलना में ज्यादा अनुशासित होते हैं।
  • गांव में यह देखा जाता है कि लोग काफी नियम संयम से रहते हैं उनके सोने और उठने का समय निश्चित रहता है।
  • शहरों में लोगों की दिनचर्या काफी व्यस्थ होती है, लोगों को प्रायः व्यायाम करने का समय नहीं मिलता जिससे कि उन्हें कई स्वास्थ्य संबंधित परेशानियां भी होती हैं।
  • इसका एक कारण यह भी है कि गांव के लोग शहर की लोगों की तुलना में ज्यादा शारीरिक श्रम अधिक करते हैं।
  • गांव में रहने वाले लोग प्रातः जल्दी उठकर सारा काम करते हैं और रात में जल्दी सो जाते हैं जिससे उनके शरीर को पूरी तरह से आराम भी मिलता है और शरीर स्वस्थ भी रहता है।
  • खान-पान से लेकर बाकी सभी काम भी व अनुशासन वे में रहकर एक निर्धारित समय पर ही करते हैं किंतु शहर में रहने वाले लोगों में व्यस्त दिनचर्या के कारण इस अनुशासन की बहुत कमी है।
  • यहां पर लोगों का सोने और जागने का समय निर्धारित नहीं रहता ज्यादातर लोग रात में देर तक जगना और सुबह देर तक सोने की आदत डाल लेते हैं जिससे कि उन्हें बहुत सारी स्वास्थ्य संबंधित समस्याएं हो जाती हैं।

शहर की तुलना में गांव का वातावरण शांत है (The atmosphere of the village is quieter than that of the city)

  • शहर में रहने वाले सभी व्यक्ति इस बात से सहमत हैं कि शहरों में बहुत ज्यादा शोरगुल है।
  • हमें अपने घर के अतिरिक्त ऐसा कोई स्थान नहीं मिलता जहां पर शांति हो और यदि ऐसी कोई जगह चाहिए तो हमें किसी बाग-बागीचे और मंदिर या आश्रम में जाना पड़ता है। किंतु गांव में ऐसा नहीं है।
  • गांव में इतनी भीड़-भाड़ नहीं है जितना कि शहरों में है, गांव में शहरों की तुलना में ज्यादा शांति होती है।
  • शहरों में आप जिस भी जगह चले जाएं आपको भीड़-भाड़ ही मिलेगा। इसका मुख्य कारण यह भी है कि देश के विभिन्न गांव से लोग शहरों में नौकरी या अन्य कारणों की वजह से आकर बस जाते हैं जिससे शहरों में रहने वाले लोगों की संख्या बहुत अधिक बढ़ जाती है।
  • इसी कारण शहरों में मकानों की कीमत दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। सभी सामान हमें दोगुने दामों पर मिलते हैं क्योंकि इन चीजों को इस्तेमाल करने वालों की संख्या बहुत अधिक होती है परंतु गांव में ऐसा नहीं है। गांव में जमीन अधिक है किंतु रहने वाले लोग कम और इसीलिए वहां भीड़-भाड़ और शोरगुल ज्यादा नहीं रहता है।

गांव भी हो रहे हैं स्मार्ट विलेज (Villages are also becoming smart villages)

पहले भारत के गांवों को काफी पिछड़ा माना जाता था किंतु पिछले कुछ समय में यह पाया गया है कि अब हमारे गाँव भी बन रहे हैं स्मार्ट गांव, अब गांव में भी वह सभी सुविधाएं उपलब्ध हो रही हैं जो कि शहरों में है।
अब गांव में रहने वाले लोगों को वह सारी सुविधाएं प्राप्त हो रही हैं जोकि शहर में रहने वाले लोगों को प्राप्त होती है। जैसे- बिजली की सुविधा, पक्के मकान, पक्की सड़कें, अस्पताल, स्कूल कॉलेज, ओर खेल कूद से संबंधित अन्य सभी सुविधाएं भी उपलब्ध हैं।
जिस प्रकार आजकल शहरों में ऑनलाइन बिजनेस का प्रचलन चला है उसी प्रकार अब गांव में भी इंटरनेट सुविधा हो जाने के कारण आप भी ऑनलाइन बिजनेस कर सकते हैं।
हमारी सरकार ने गांवों में अब सभी सुविधाएं उपलब्ध करा दी है और अब गाँव के लोग केवल खेती-बाड़ी जैसे अन्य कामों तक ही सीमित नहीं है बल्कि और भी नए काम कर सकते हैं।
बिजली-पानी की समस्या हो या फिर रोजगार की, अब हमारी सरकार ने गांवों में भी यह सभी सुविधाएं उपलब्ध करा दी हैं। जिस प्रकार हमारे शहर स्मार्ट सिटी बन रहे हैं। अब हमारे गांव भी गंदगी से मुक्त हो कर स्मार्ट गांव (Smart village) बन रहे हैं, जहां शौचालयों की भी सुविधा सरकार के द्वारा कर दी गई है।
अब गावों में भी रहना उतना ही फायदेमंद और आसान है जितना कि शहरों में।
हमें उम्मीद है कि आपको हमारा यह (advantages of village life in hindi) ब्लॉग पसंद आया होगा। अगर आपको यह ब्लॉग अच्छा लगा हो, तो इसे मित्रों तक जरूर पहुंचाए। जिससे अन्य मित्र भी गांव में रहने के सुख ले सकें। 

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