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गाय-भैंस का दूध बढ़ाने का उपाय | doodh badhane ka upay

आइए, द रूरल इंडिया के इस लेख में जानते हैं, 3 घास के बारे में जो दूध उत्पादन बढ़ाने में कारगर हैं। (doodh badhane ka upay)

doodh badhane ka upay: पशुपालक अक्सर पशुओं का दूध बढ़ाने के लिए परेशान रहते हैं। इसके लिए उन्हें सूखा चारा खिलाते हैं। जैसे- गेंहू, चना, चावल, दाल, मक्का, भूसा आदि। लेकिन कई बार सूखा चारा खाने से पशु ज्यादा लंबे वक्त तक दूध नहीं दे पाते। इसलिए उन्हें हरी घास खिलाना चाहिए। हरी घास दुधारू पशुओं के लिए बहुत ही पौष्टिक मानी जाती है। 

 

तो आइए, द रूरल इंडिया के इस लेख में जानते हैं, 3 घास के बारे में जो दूध उत्पादन बढ़ाने में कारगर हैं। (doodh badhane ka upay)

 

1. बरसीम की घास (berseem grass)

बरसीम की घास पशुओं को खिलाने के लिए सबसे ज्यादा पौष्टिक मानी जाती है। इसके सेवन से गाय और भैंस की दूध देने की क्षमता भी बढ़ती है। बरसीम की घास के सेवन से पशु तंदरुस्त रहते हैं और उत्पादन अच्छा होता है। इस घास से पशुओं की पाचन क्रिया सही रहती है। इसमें कैल्शियम और फास्फोरस की पर्याप्त मात्रा होती है। पशु इसे बहुत ही चाव से खाते हैं। 

 

2. नेपियर घास (napier grass)

यह दुधारू पशुओं के लिए बहुत ही पौष्टिक मानी जाती है। नेपियर घास गन्ने की तरह दिखती है। जो सिर्फ 50 दिनों में तैयार हो जाती है। इसका सेवन करते ही मवेशी दूध अधिक देने लगते हैं। यह दिखाने में गन्ने की तरह लगती है। नेपियर घास की भी कई किस्में होती है जिसका उत्पादन आप हरे चारे के रूप में कर सकते हैं। 

 

3. जिरका की घास (Ginger grass)

इसे सिंचाई की कम जरूरत पड़ती है। जिरका की घास कम समय में ही तैयार हो जाती है। इस घास की बुआई भी आसान होती है। बरसीम के मुकाबले जिरका में कम सिंचाई की जरूरत पड़ती है। इसकी बुआई का सही समय अक्टूबर से नवंबर महीना होता है।

👉ऐसे ही पशुपालन की जानकारी के लिए द रूरल इंडिया वेबसाइट विजिट करें।

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