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Black Rice Farming: काला धान की खेती कैसे करें, यहां जानें

इन दिनों काले चावल की खेती (kala chawal ki kheti) की खूब चर्चा है। वजह भी क्यूं ना हो? क्योंकि काले चावल (black rice) की मांग विदेशों तक है।

Black Rice Farming: काले चावल की खेती कैसे करें? यहां जानें, काला चावल की खेती की वैज्ञानिक तरीका

Black rice farming in hindi: इन दिनों काले चावल की खेती (kala chawal ki kheti) की खूब चर्चा है। वजह भी क्यूं ना हो? क्योंकि काले चावल (black rice) की मांग विदेशों तक है। इस चावल में के ढेरों औषधीय गुण होते हैं। 

आपको बता दें, कुछ वर्षों पहले तक काले चावल की खेती (kala chawal ki kheti) केवल मणिपुर और असम में की जाती थी। लेकिन अब इसकी खेती उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़, बिहार, आदि कई राज्यों में सफलतापूर्वक की जा रही है। 

काले चावल में चाय एवं कॉफी से अधिक मात्रा में एंटी ऑक्सीडेंट पाया जाता है। इसके साथ ही काले चावल में सफेद चावल (white rice) और ब्राउन राइस (brown rice) से अधिक मात्रा में विटामिन बी, विटामीन ई, कैल्शियम, आयरन, मैग्नेशियम, जिंक, आदि पोषक तत्व पाए जाते हैं।

काले चावल की खेती कैसे करें? यहां जानें, काला चावल की खेती की वैज्ञानिक तरीका

काले चावल की खेती से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां (Important information related to black rice cultivation)

  • काले चावल की नर्सरी के लिए मई का महीना उपयुक्त है।
  • नर्सरी तैयार होने में करीब 1 महीना का समय लगता है।
  • बीज की रोपाई के 1 महीने बाद मुख्य खेत में पौधों की रोपाई की जाती है।
  • अन्य किस्मों की तुलना में काले चावल की फसल को तैयार होने में अधिक समय लगता है।
  • फसल करीब 5 से 6 महीने में कटाई के लिए तैयार हो जाते हैं।
  • कम पानी में भी इसकी खेती सफलतापूर्वक की जा सकती है।
  • इसके पौधे मजबूत होते हैं। जिससे पौधों के टूटने की समस्या नहीं होती है।
  • पौधों की लम्बाई करीब 6 फीट तक होती है।

काले चावल की खेती के फायदे (Benefits of black rice cultivation)

  • अन्य किस्मों की तुलना में काले चावल में रोग एवं कीटों का प्रकोप कम होता है।
  • इसकी खेती में लागत कम आती है।
  • अधिक मूल्य पर बिक्री होने के कारण अधिक मुनाफा होता है।
  • केवल जैविक खाद एवं कम्पोस्ट खाद का प्रयोग कर के भी हम बेहतर फसल प्राप्त कर सकते हैं।
  • पौधों में दानों से भरी हुई लम्बी बालियां आती हैं।
  • कई पोषक तत्वों से भरपूर होने के कारण इसकी कीमत अधिक होती है। इसलिए काले चावल की खेती करने वाले किसान अधिक मुनाफा कमा सकते हैं।

काले चावल के औषधीय गुण (Medicinal properties of black rice)

  • काले चावल का सेवन हृदय रोग एवं कैंसर जैसी खतरनाक बीमारियों से बचाने में सहायक है।
  • यह प्रोटीन का अच्छा स्रोत है। 10 ग्राम काले चावल में करीब 9 ग्राम प्रोटीन की मात्रा पाई जाती है।
  • इसमें फाइबर और आयरन भी भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं।
  • यह मधुमेह (डायबिटीज) के मरीजों के लिए भी फायदेमंद है।

काला चावल की खेती में लागत और कमाई (Cost and Earnings in Black Rice Cultivation)

काले चावल की खेती (Black Rice Farming) में लागत सामान्य धान की तुलना में कम ही लगता है क्योंकि यह काला धान की रोग प्रतिरोधक क्षमता भी अधिक होती है। सफेद और ब्राउन राइस की तुलना में इसकी कीमत भी बाजार में अधिक मिलता है। काला चावल सामान्य तौर पर 400 से 500 रूपए प्रति किलो बिक जाता है। जबकि सामान्य चावल का दाम 25 से 80 रूपए प्रति किलो से अधिक नहीं मिलता है। 

ये तो थी, काले धान की खेती (Black Rice Farming) की जानकारी। यदि आप इसी तरह कृषि, मशीनीकरण, सरकारी योजना, बिजनेस आइडिया और ग्रामीण विकास की जानकारी चाहते हैं तो इस वेबसाइट की अन्य लेख जरूर पढ़ें और दूसरों को भी पढ़ने के लिए शेयर करें। 

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