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भारत में कृषि से सम्बंधित क्रांति | Agriculture revolutions in India

हमारे देश में कृषि क्रांतियों में श्वेत, पीली क्रांति, नीली क्रांति, सुनहरी क्रांति, भूरी क्रांति, गोल क्रांति, गुलाबी क्रांति प्रमुख हैं।

Agriculture revolutions in India in Hindi: क्या आप भारत में कृषि से संबंधित क्रांति को जानते हैं? क्योंकि आमतौर पर अधिकांश लोग ‘हरित क्रांति’(harit karnti) के बारे में जानते हैं, जबकि देश को आगे बढ़ाने के लिए दूसरी कृषि क्रांतियों का भी योगदान है।

 

इन क्रांतियों ने हमारे देश में कृषि को नई दिशा दी है। इन क्रांतियों में श्वेत क्रांति, पीली क्रांति, नीली क्रांति, सुनहरी क्रांति, भूरी क्रांति, गोल क्रांति, गुलाबी क्रांति प्रमुख हैं।

 

आज हम लोग The Rural india के इस ब्लॉग में भारत में कृषि से सम्बंधित क्रांति (Agricultural revolutions in India) को जानेंगे।

 

सबसे पहले जान लेते हैं कि क्रांति क्या होती है? 

 

जब किसी क्षेत्र में एक बिल्कुल नए युग की शुरूआत होती है। नए अवसर बनते हैं और नई तकनीक की प्रयोग होता है, क्रांति (revolution) कहते हैं। 

 

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इसी तरह जब खेती में नई तकनीक का विकास होता है, उसे कृषि क्रांति (agricultural revolution) कहते हैं। इससे कृषि क्षेत्र में आमूलचूल बदलाव देखने को मिलता है। 

आइए अब, इन क्रांतियों को यहां जानते हैं। 

 

हरित क्रांति (Green revolution)

कृषि क्षेत्र में हरित क्रांति भारत की पहली क्रांति हैं। आजादी के बाद 1960 में जब भारत में अकाल की स्थिति हो गई थी। इस समस्या से निपटने के लिए देश में कृषि उत्पादन को बढ़ाने के लिए एक नीति लागू की गई, जिसे ‘हरित क्रांति’ कहा जाता है। इस क्रांति में पारंपरिक बीजों के स्थान पर उन्नत किस्म के बीजों के प्रयोग को बढ़ावा दिया गया।

 

हरित क्रांति (Green revolution) पर एक नजर

  • डॉ. नॉरमन बोरलॉग हरित क्रांति के जनक 
  • भारत में डॉ. एमएस स्वामीनाथ हरित क्रांति के जनक
  • खाद्यान्न उत्पादन से है हरित क्रांति का संबंध 
  • हरति क्रांति के कारण गेहूं और धान की पैदावार में अच्छी वृद्धि
  • भारत में भुखमरी की समस्या को दूर करने हेतु  हरित क्रांति शुरू की गई

श्वेत क्रांति (white revolution)

श्वेत क्रांति को ‘दुग्ध क्रांति’ के नाम से भी जाना जाता है। इसका उद्देश्य दूध की कमी को दूर करना है। इसकी शुरुआत 1970 में की गई है। आपको बता दें, श्वेत क्रांति के अंतर्गत दुग्ध उत्पादन, प्रसंस्करण, खुदरा बिक्री और पशुधन के विकास पर काम किया जाता है। 

 

भारत में ‘दुग्ध क्रांति’ के जनक वर्गीज कुरियन हैं। उन्होंने दूध की कमी से जूझने वाले देश को दुनिया का सबसे ज्यादा दूध उत्पादन करने वाला देश बनाने में अहम भूमिका निभाई है।  

 

श्वेत क्रांति (white revolution) पर एक नजर

  • ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने में कृषि के बाद डेयरी उद्योग की प्रमुख भूमिका
  • श्वेत क्रांति का संबंध दुग्ध उत्पादन से है
  • दुग्ध क्रांति को ‘ऑपरेशन फ्लड’ भी कहा जाता है
  • दूध उत्पादन में भारत का स्थान प्रथम है
  • विश्व दुग्ध उत्पादन में भारत की 17 प्रतिशत हिस्सेदारी है
पीली क्रांति (yellow revolution)

‘पीली क्रांति’ का संबंध  तिलहन उत्पादन है।  इससे भारत में खाद्य तेलों और तिलहन उत्पादन में काफी बढ़ोतरी हुई है। 

 

पीली क्रांति (yellow revolution) पर एक नजर

  • 1980 के दशक में पीली क्रांति की शुरूआत हुई थी
  • पीली क्रांति के फलस्वरुप भारत के तिलहन उत्पादन में महत्वपूर्ण उपलब्धि प्राप्त की है
  • तिलहन में सरसों,सोयाबीन,सूरजमुखी,अरण्डी,अलसी,कुसुम्ब,मूंगफली और तिल शामिल है।
 
नीली क्रांति (blue revolution)

‘नीली क्रांति’ किसानों की आय दुगुनी करने करने के लिए मछली और समुद्री उत्पादों को पकड़ने के कामों को प्रोत्साहित करना है। इसकी शुरुआत सातवीं पंचवर्षीय योजना में की गई थी। इस क्रांति के तहत मत्स्य प्रजनन, पालन, विपणन और निर्यात को बढ़ावा दिया जाता है।

 

नीली क्रांति (blue revolution) पर एक नजर

  • भारत में इसकी शुरुआत सातवीं पंचवर्षीय योजना से हुई थी
  • नीली क्रांति का उद्देश्य भारत के अंतर्क्षेत्र में मछली उत्पादन को बढ़ाना है
  • मत्स्यपालन उद्योग प्रतिवर्ष औसतन 9 प्रतिशत की दर से बढ़ रहा है 
भूरी क्रांति (brown revolution)

‘भूरी क्रांति’ का संबंध उर्वरक से है। इसके अलावा इसका संबंध मिट्टी की गुणवत्ता और उर्वरता बढ़ाने से है। 

लाल क्रांति (red revolution)

‘लाल क्रांति’ का संबंध टमाटर और मांस उत्पादन से है। इसका मुख्य उद्देश्य कम जमीन वाले छोटे किसानों को आजीविका प्रदान करना है। 

गुलाबी क्रांति (pink revolution)

झींगा मछली उत्पादन में वृद्धि के लिए ‘गुलाबी क्रांति’ शुरू की गई है। भारत विश्व का सबसे बड़ा झींगा मछली निर्यातक देश है।

 

गोल क्रांति (gol kraanti)

‘गोल क्रांति’ का संबंध आलू उत्पादन से है। भारत विश्व का सबसे बड़ा उत्पादक देश है। इसमें देश में आलू के उत्पादन, विपणन और संवर्धन जैसे विषय शामिल है। 

सुनहरी क्रांति (golden revolution)

‘सुनहरी क्रांति’ का संबंध  फल उत्पादन से है। राष्ट्रीय बागवानी मिशन 2005-06 में फलों के बगीचे, बीजों के विकास के लिए शुरू किया गया था। इस क्रांति के फलस्वरूप देश में फलों के उत्पादन में काफी वृद्धि देखने को मिली है।

 

ये तो थी, भारत में कृषि क्रांतियों (Agriculture revolutions in India) की बात। लेकिन, The Rural India पर आपको कृषि एवं मशीनीकरण, सरकारी योजनाओं और ग्रामीण विकास जैसे मुद्दों पर भी कई महत्वपूर्ण ब्लॉग्स मिलेंगे, जिनको पढ़कर अपना ज्ञान बढ़ा सकते हैं और दूसरों को भी इन्हें पढ़ने के लिए प्रेरित कर सकते हैं।

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